बिहार: छपरा में बिहार बंद के दौरान विधि-व्यवस्था ड्यूटी पर तैनात दो प्रखंड विकास पदाधिकारियों पर हुए पथराव के विरोध में बिहार के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) लगातार तीसरे दिन भी काली पट्टी बांधकर सरकारी कार्यों का निष्पादन करते रहे। पूरे बिहार के कार्यालय में संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराते हुए अपनी नियमित जिम्मेदारियों का निर्वहन करते नजर आए।
काली पट्टी बांधने वालों में संघ के अध्यक्ष प्रशांत कुमार, उपाध्यक्ष लालबाबू पासवान एवं रजनीश शंकर झा, कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार, सचिव कुमारी सुषमा तथा कार्यकारिणी सदस्य रजनीश कुमार और कुमार विमल आदित्य शामिल रहे।
बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ के कोषाध्यक्ष एवं धोरैया के प्रखंड विकास पदाधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि बिहार बंद के दौरान छपरा सदर की बीडीओ दृष्टि पाठक और रिविलगंज के बीडीओ रितेश कुमार पर उपद्रवियों ने पथराव कर दिया था, जिसमें दोनों अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था की ड्यूटी निभा रहे अधिकारियों पर हमला अत्यंत गंभीर और चिंताजनक घटना है, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
घटना के विरोध में बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों के लिए समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन में प्रत्येक प्रखंड कार्यालय में बॉडी प्रोटेक्टर, रायट हेलमेट, शील्ड, लेग गार्ड एवं आर्म गार्ड जैसे सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की गई है, ताकि संवेदनशील परिस्थितियों में ड्यूटी के दौरान उनका उपयोग किया जा सके।
संघ ने प्रत्येक बीडीओ के साथ कम से कम दो प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की स्थायी तैनाती, सरकारी ड्यूटी के दौरान घायल अधिकारियों के उपचार की संपूर्ण व्यवस्था सरकारी खर्च पर कराने, विशेष क्षतिपूर्ति, पर्याप्त बीमा सुरक्षा तथा आश्रितों के लिए स्पष्ट सहायता नीति लागू करने की भी मांग उठाई है।
संघ का कहना है कि जब तक सरकार इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक प्रखंड विकास पदाधिकारियों को संवेदनशील विधि-व्यवस्था ड्यूटी से अलग रखा जाए।