लालगंज, वैशाली | 29 नवंबर 2025
एचडीएफसी परिवर्तन कार्यक्रम के समग्र ग्रामीण विकास पहल (HRDP) के तहत बाएफ बीआईएसएलडी परियोजना कार्यालय, लालगंज में “हरा चारा एवं संतुलित पशु आहार प्रबंधन” पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का संचालन पशु चिकित्सक डॉ. महासंकर ने किया।
प्रशिक्षण सत्र में डॉ. महासंकर ने दुधारू पशुओं में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए स्वच्छ शेड, नियमित देखभाल, तथा रोजाना 50 ग्राम मिनरल मिक्सचर देने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि हरा और सूखा चारा तथा दानों का संतुलित मिश्रण पशु स्वास्थ्य और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मक्का, जौ, बाजरा, सरसों खली, गुड़, कॉमन सॉल्ट और कैल्शियम को दुधारू पशुओं के लिए उपयोगी तत्व बताया गया।
कार्यक्रम में परियोजना क्षेत्र के 7 गाँवों के 40 किसान शामिल हुए। किसानों को संतुलित पशु आहार के वैज्ञानिक महत्व, गैर-दुधारू एवं दुधारू पशुओं के लिए चारे की अलग-अलग आवश्यकताओं, तथा दाना मिश्रण की उचित विधि की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि दुधारू पशुओं को दूध उत्पादन के अनुसार अतिरिक्त ऊर्जा व पोषण की आवश्यकता होती है, इसलिए उन्हें अधिक हरा चारा और पूरक दाना दिया जाना चाहिए।
प्रशिक्षण के दौरान नेपियर और मक्का से साइलेंज तैयार करने की विधि का प्रदर्शन भी किया गया। इसमें चारा काटने, साइलो में भरकर दबाने, गुड़ मिलाने तथा 45 से 60 दिनों तक हवा-बंद रखने की तकनीक को व्यावहारिक रूप से दिखाया गया। साथ ही दूध बुखार, थनैला तथा पाचन संबंधी रोगों की रोकथाम पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम के अंत में किसानों को पशु पोषण संबंधी बुकलेट और सूचना सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिसे किसानों ने अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में अपनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस मौके पर प्रोजेक्ट मैनेजर रवि राज, प्रोजेक्ट ऑफिसर सियाराम कुमार, सोनाली प्रिया, आमिर सोहेल, अनिल सिंह, शोविक महापात्र सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में निवास कुमार, प्रिंस कुमार भारती, केशव कुमार और रविन्द्र कुमार यादव का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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